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Dattatreya Jayanti 2019: दत्तात्रेय जयंती पर पढ़ें पवित्र दत्तात्रेय स्तोत्र

बुधवार,दिसंबर 11, 2019
Dattatreya Stotram
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जो व्यक्ति किसी भी तरह के व्यापार में हानि, जीवन में आने वाली कठिनाइयां और शत्रु पक्ष से होने वाली परेशानियां तथा जीवन की किसी भी तरह की समस्या से ग्रसित है तो उस व्यक्ति को भैरव स्तुति का पाठ अवश्‍य करना चाहिए।
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देव प्रबोधिनी एकादशी पर आपके पास मंत्र, चालीसा और आरती का समय नहीं है तो इस सरल और मधुर स्तुति से करें पूजन....पाएं अपार धनसंपदा और ऐश्वर्य का आशीर्वाद....
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श्री तुलसी चालीसा के नियमित पाठ से आरोग्य और सौभाग्य का वरदान तो मिलता ही है साथ ही जीवन में पवित्रता आती है और सुख -समृद्धि में वृद्धि होती है।
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Jai Tulsi Mata Aarti- जय जय तुलसी माता सब जग की सुख दाता, वर दाता जय जय तुलसी माता ।।
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dev uthani ekadashi ki Aarti: ॐ जय जगदीश हरे

गुरुवार,नवंबर 7, 2019
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे। भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥
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पाठकों के लिए प्रस्तुत है एकादशी की आरती। इस आरती में सभी एकादशियों के नाम शामिल है। ॐ जय एकादशी, जय एकादशी, जय एकादशी माता। विष्णु पूजा व्रत को धारण कर, शक्ति मुक्ति पाता ।। ॐ।।
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गौ माता की आरती 33 करोड़ देवताओं को प्रसन्न करती है क्योंकि गाय माता के शरीर में समस्त देवों का वास माना गया है।
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भाई दूज पर यमुना माता की आरती उतारी जाती है। यमुना जी की आरती पढ़ने या सुनने मात्र से ही भगवान श्री कृष्ण जी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यमुना जी की आरती सच्चे मन से करने से यम का भय खत्म हो जाता है।
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महालक्ष्मी को प्रसन्न करना है तो पढ़ें लक्ष्मी चालीसा- मातु लक्ष्मी करि कृपा करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्ध कर पुरवहु मेरी आस॥
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ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निस दिन सेवत हर-विष्णु-धाता॥ ॐ जय...उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ ॐ जय...
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जय धन्वंतरि देवा, जय धन्वंतरि जी देवा। जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा।।जय धन्वं.।। तुम समुद्र से निकले, अमृत कलश लिए। देवासुर के संकट आकर दूर किए।।जय धन्वं.।।
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Ahoi Mata ki Aarti : जय अहोई माता, जय अहोई माता

शुक्रवार,अक्टूबर 18, 2019
Ahoi mata ki Aarti- अहोई अष्‍टमी पर पढ़ें अहोई मां की आरती। जय अहोई माता, जय अहोई माता! तुमको निसदिन ध्यावत हर विष्णु विधाता
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Lord Kartikeya aarti- जय जय आरती जय जय आरती वेणु गोपाला वेणु गोपाला वेणु लोला पाप विदुरा नवनीत चोरा
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जय सिद्धिदात्री तू सिद्धि की दाता तू भक्तों की रक्षक तू दासों की माता, तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि कठिन काम सिद्ध कराती हो तुम हाथ सेवक के सर धरती हो तुम,
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कालरात्रि जय जय महाकाली काल के मुंह से बचाने वाली दुष्ट संहारिणी नाम तुम्हारा महा चंडी तेरा अवतारा पृथ्वी और आकाश पर सारा महाकाली है तेरा पसारा खंडा खप्पर रखने वाली दुष्टों का लहू चखने वाली
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जय जय अंबे जय कात्यायनी । जय जगमाता जग की महारानी ।। बैजनाथ स्थान तुम्हारा। वहां वरदाती नाम पुकारा ।।
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जय तेरी हो स्कंद माता पांचवां नाम तुम्हारा आता सब के मन की जानन हारी जग जननी सब की महतारी तेरी ज्योत जलाता रहूं मैं हरदम तुम्हें ध्याता रहूं मैं कई नामों से तुझे पुकारा मुझे एक है तेरा सहारा...
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चौथा जब नवरात्र हो, कूष्मांडा को ध्याते। जिसने रचा ब्रह्मांड यह, पूजन है उनका... आद्य शक्ति कहते जिन्हें, अष्टभुजी है रूप। इस शक्ति के तेज से कहीं छांव कहीं धूप॥
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जय मां चंद्रघंटा सुख धाम पूर्ण कीजो मेरे काम चंद्र समान तू शीतल दाती चंद्र तेज किरणों में समाती क्रोध को शांत बनाने वाली मीठे बोल सिखाने वाली मन की मालक मन भाती हो
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