आसानी से नहीं मिलती विदेशों में उच्च शिक्षा

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'के लिए कुछ भी करेगा'। दोस्तो, यह कहना जितना आसान है उतना ही चुनौतीभरा। देश में शिक्षा स्रोत पर्याप्त हैं लेकिन विकसित देशों की तुलना में अभी भी हम पीछे हैं। शायद यही कारण है कि बेहतर करियर बनाने के लिए उच्च शिक्षा पाने विदेशों में जाना पड़ता है। लेकिन याद रहे कि विदेशों के उत्कृष्ट विश्वविद्यालय या से डिग्रियाँ हासिल करना आसान नहीं है।

इन कालेजों में दाखिला पाने के लिए अभ्यर्थी को अपनी योग्यता दिखाना होती है। अर्थात उसे यह सिद्ध करना होता है कि वह उस संस्थान के लायक है या नहीं। और यह सब अलग-अलग परीक्षाओं के माध्यम से होता है।

के संस्थापक संदीप मानुधने का मानना है कि इस तरह की सभी परीक्षाओं में अंग्रेजी भाषा के ज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए प्रतिभागी अगर अंग्रेजी का अभ्यास सामान्य बोलचाल में भी संजीदगी से करें तो इन परीक्षाओं में उनको बहुत मदद मिलती है और वे बेहतर स्कोर कर सकते हैं। टोफेल और जीमैट में उच्चतम स्कोर पाने वाली नेहा कौशिक का कहना है कि अंग्रेजी ग्रामर को याद करने से इन परीक्षाओं में सफलता नहीं मिल सकती।

छात्रों को चाहिए कि रोजाना अंग्रेजी अखबार पढ़ें व अंग्रेजी समाचार सुनें, दोस्तों के साथ अंग्रेजी भाषा में ग्रुप डिस्कसन व डिबेट करें। अंग्रेजी को बेहतर करने के लिए कोचिंग से कभी भी परहेज न करें क्योंकि कोचिंग में आपकी गलतियों को बताने वाले एक्सपर्ट होते हैं जो न केवल आपको शिक्षा देते हैं बल्कि कम समय में आपको परीक्षा के मुख्य बिंदुओं से अवगत भी कराते हैं। उन्होंने बताया कि टोफेल जैसी परीक्षाएँ ज्ञान पर आधारित होने से ज्यादा एप्लीकेशन पर आधारित होती हैं। निबंध या लेख लिखते समय सीमित व विश्लेषणात्मक जानकारी ही लिखें, कभी भी उसे भरने का प्रयास न करें। सदैव लेख एकपक्षीय होना चाहिए।

सैट: यूएस के प्रतिष्ठित कॉलेज और विश्वविद्यालय में दाखिले के लिए सैट अर्थात स्कॉलिस्टिक एप्टीट्यूड टेस्ट आयोजित होता है। यह परीक्षा विश्व की सबसे बड़ी गैर सरकारी परीक्षा संस्था ईटीएस (एजुकेशनल टेस्टिंग सर्विस) द्वारा संचालित की जाती है। परीक्षा के जरिये आपकी समझने की क्षमता, गणितीय व वर्बल रीजनिंग की योग्यता का आकलन किया जाता है। सैट परीक्षा दस भागों में बँटी होती है-
तीन लिखित खंड, जिनमे एक निबंध 25 मिनट समयावधि का तथा 25 और 10 मिनट की अवधि के दो ग्रामर खंड होते हैं।

तीन गणितीय खंड, जिनमें दो 25 मिनट के व एक 20 मिनट समयावधि का सेशन होता है।

तीन क्रिटिकल रीडिंग खंड, जिनमे दो 25 मिनट के सेशन व और एक सेशन 20 मिनट का होता है। आखिरी खंड प्रयोगात्मक होता है। 25 मिनट के प्रयोगात्मक सेशन के अंक जोड़े नहीं जाते हैं।

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- राहुल मिश्र
सैट में सफल छात्रों का मानना है कि राइटिंग और रीडिंग को पास करने के लिए वोकैबलरी का अच्छा ज्ञान होना अतिमहत्वपूर्ण है।

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