हास्य कविता : सुंदर-कांड

WD|
शशांक तिवारी

हनुमान उड़ कर गए, दिया रिलायंस सिम
मां ने प्रभु को फोन किया, दोनों बात में गुम

रावण के गुर्गों ने, पकड़ा श्री हनुमान
आग लगाई पूंछ पर, बिफर गए श्रीमान

स्वाहा किया तुरंत ही, सोने का वह होम
रावण डिप्रेशन गया, कैसे भरेगा लोन
विभीषण को फ्रेंड रिक्वेस्ट, प्रभु ने भेजी आज
जीत के बाद पार्टी दूंगा, कहकर किया था साथ

वापस आकर हनुमान ने, बतलाए सब हाल
राम ने बोला मित्रगण, साफ करो हथियार

धनुष बाण काफी है, क्या होगा परमाणु
लंका जब से जल गई, रावण है कंगाल
पार करन को समंदर, तय हुआ एक जहाज
कम पैसे में ले चलों, हुई ऊंची आवाज

विज्ञापन
Traveling to UK? Check MOT of car before you buy or Lease with checkmot.com®
 

और भी पढ़ें :