0

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस बताएगा आप कितने हैं मौत के करीब

गुरुवार,नवंबर 14, 2019
0
1
गति ने ही मानव का जीवन बदला है और गति ही बदल रही है। बैलगाड़ी और घोड़े से उतरकर व्यक्ति साइकल पर सवार हुआ। फिर बाइक पर और अब विमान में सफर करने लगा। पहले 100 किलोमीटर का सफर तय करने के लिए 2 दिन लगते थे अब 2 घंटे में 100 किलोमीटर पहुंच सकते हैं।
1
2
ब्लैक होल को हिन्दी में कृष्ण विवर कहते हैं। क्या आप जानते हैं कि ब्लैक होल क्या होता है? नहीं, तो चलिए पहले ये जान लेते हैं कि यह क्या होता है। फिर यह जानेंगे कि यदि आपको किसी भी तरह से ब्लैक होल में फेंक दिया जाए या आप उसमें गिर पड़े तो क्या होगा?
2
3
हममें से लगभग सभी लोग ट्रेन में बैठे होंगे लेकिन बहुत कम लोगों ने ध्यान दिया होगा कि ट्रेन का हॉर्न अलग-अलग तरह से बज रहा है। हो सकता है कि यह आपने सुना भी होगा लेकिन कभी ध्यान नहीं गया होगा। हालांकि ट्रेन 11 तरह के हॉर्न बजाती है लेकिन उनमें से 6 ...
3
4
हमारे सौर मंडल में लगभग 9 से ज्यादा ग्रह हैं। पृथ्वी, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, यूरेनस, नेप्चून, प्लूटो, हौमा, मकेमैक और एरिस। आओ जानते हैं सभी ग्रहों के उपग्रह अर्थात चंद्रमा की संख्‍या के बारे में।
4
4
5
सौरमंडल का पांचवां सबसे विशाल प्राकृति उपग्रह चंद्रमा पृथ्‍वी के सबसे नजदीक है। पृथ्वी से लगभग 3,84,365 किलोमीटर दूर चंद्रमा का धरातल असमतल और इसका व्यास 3,476 कि.मी है तथा द्रव्यमान, पृथ्वी के द्रव्यमान का लगभग 1/8 है। पृथ्वी के समान इसका परिक्रमण ...
5
6
मेलबोर्न। क्वांटम कम्प्यूटिंग के क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों की एक टीम को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। इन वैज्ञानिकों ने एक क्वांटम कम्प्यूटर के सेंट्रल बिल्डिंग के सुपर फास्ट वर्जन का निर्माण किया है। यह कम्प्यूटर किसी भी पेचीदा समस्या का ...
6
7
नेशनल एयरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) एक स्पेसक्राफ्ट को लांच करने की तैयारी कर रहा है, जो 2022 में बाइनरी क्षुद्रग्रह प्रणाली (बाइनरी एस्टेरॉयड सिस्टम) के मूनलेट यानी चंद्रमा जैसे छोटे-छोटे टुकड़ों में बदल देगा।
7
8
आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और वॉइस असिस्टेन्ट तकनीक इंटरनेट पर डिजिटल मीडिया, खासतौर पर भारतीय भाषाओं की तकदीर किस तरह बदल सकती हैं और फिलहाल इस दिशा में क्या नया हो रहा है, जानने के लिए हमने इस क्षेत्र के एक्स्पर्ट्‍स से बात की...
8
8
9
लंदन। इस साल जनवरी में पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान एक अंतरिक्ष चट्टान 61 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चंद्रमा से टकराई थी। वैज्ञानिकों ने यह जानकारी दी है।
9
10
एस्टेरॉयड को हिन्दी में उल्कापिंड कहते हैं। हमारे सौरमंडल में ऐसी लाखों छोटी-बड़ी चट्टाने हैं, जो सूर्य की परिक्रमा करते हुए कई बार पृथ्वी के निकट आ जाती हैं, निकट से गुजर जाती है या उसके वायुमंडल में आकर जलकर टूकड़े-टूकड़े होकर धरती पर गिर जाती है। ...
10
11
NASA प्रमुख जिम ब्रेडेस्टाइन ने चेतावनी दी है कि अब किलर एस्टेरॉयड की कल्पना किसी साइंस फिक्शन फिल्म तक सीमित नहीं है। अब असल जिंदगी में भी ऐसा हो सकता है। ऐसा कोई एस्टेरॉयड पृथ्वी पर भी तबाही मचा सकता है।
11
12
NASA द्वारा प्रक्षेपित रोबोटिक लैंडर 'इनसाइट' (NASA InSight) ने पहली बार मंगल पर भूकंप दर्ज किया है।
12
13
भारतीय वैज्ञानिकों ने गेहूं के ऐसे नमूनों की पहचान की है जिनमें पत्तियों में होने वाले रतुआ रोग से लड़ने की आनुवांशिक क्षमता पाई जाती है।
13
14
दुनिया के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए रहस्य बने ब्लैक की पहली तस्वीरें आज जारी की गई। ये तस्वीर भारतीय समयानुसार शाम को 6 बजे जारी की गईं। खगोलविदों ने 5 देशों में एक साथ कॉन्फ्रेंस कर ब्लैक होल की तस्वीरें जारी कीं।
14
15
आज भी ब्रह्मांड के कई ऐसे रहस्य हैं, जो पृथ्वीवासियों के लिए अनसुलझे हुए हैं। ऐसी एक पहेली है ब्लैक होल की। कई वर्षों की मेहनत के बाद आज दुनिया को इसकी पहली तस्वीर दिखाई देगी। वैज्ञानिक कई वर्षों से इसके रहस्य को सुलझाने में लगे हुए हैं। उम्मीद की ...
15
16
वॉशिंगटन। भारत का चंद्रमा मिशन चंद्रयान-2 अगले महीने प्रक्षेपित होने वाला है और वह नासा के लेजर उपकरणों को अपने साथ चंद्रमा तक लेकर जाएगा। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक इससे वैज्ञानिकों को चंद्रमा तक की दूरी का सटीक माप लेने में ...
16
17
वॉशिंगटन। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने कहा है कि उसके लूनर रिकांससेंस ऑर्बिटर (एलआरओ) ने चांद की दिन वाली सतह के इर्द-गिर्द चक्कर लगा रहे जल अणुओं का पता लगाया है। इससे चांद पर पानी की पहुंच के बारे में जानने में मदद मिल सकती है, जो भविष्य के ...
17
18
वैज्ञानिक अनुप्रयोगों के महत्व के बारे में संदेश फैलाने, मानव कल्याण के लिए विज्ञान के क्षेत्र में सभी गतिविधियों, प्रयासों और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने और विज्ञान के विकास के
18
19
सन् 1986 से भारत में प्रतिवर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस (नेशनल साइंस डे) मनाया जाता है। रमण की यह खोज 28 फरवरी 1930 को प्रकाश में आई थी।
19