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Love tips : बेहद खूबसूरत होता है प्यार का रिश्ता

सोमवार,दिसंबर 9, 2019
love tips
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रिश्ते जब बिगड़ने लगते हैं तो ब्रेकअप का विकल्प ही सबसे पहले हमारे जहन में आता है। अक्सर देखा गया है कि रिश्तों में एक बार कड़वाहट आ जाए तो वो हमेशा बरकरार रहती है। भले हम उस समय शांत हो जाएं, पर कभी न कभी बातों ही बातों में जिक्र हो ही जाता है और ...
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इस जिंदगी में वो क्या महत्व रखते हैं? या यूं कहे वो कितने स्पेशल हैं? क्योंकि शादी से पहले तक लोग अपने प्यार का इजहार करने में खुद को रोक नहीं पाते या फिर अपने पार्टनर का होना कितना जरूरी है, यह बताने से भी नहीं चूकते। लेकिन शादी के बाद मानो यह ...
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आपको आज बता दें कि लड़के, लड़कियों को बार-बार मुड़कर देखते क्यों है? और कमेंटबाजी क्यों करते हैं?
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हम भले ही तकनीकी रूप से कितनी ही तरक्की कर लें, लेकिन यह मानना ही होगा प्रेमप‍त्र का विकल्प दुनिया में नहीं हो सकता, क्योंकि यह सीधा उन लोगों के अहसासों से जुड़ा है, जिन्होंने इन्हें लिखा है और जिनके लिए लिखा है।
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उजले दाँतों वाली हँसी

सोमवार,दिसंबर 7, 2009
आज इतने सालों बाद भी तुम्हारे साथ की गई बातें ज्यों की त्यों याद हैं। ऐसे लगता है जैसे वह एक कालखंड ईश्वर के साथ की गई बातों का था। क्योंकि ईश्वर से भी तो हम यही चाहते हैं कि उसका स्मरण हमें सुख दे। फिर ईश्वर तो कल्पना मात्र है उसे किसी ने देखा नहीं ...
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एक पत्र प्रेम की खातिर

शनिवार,मार्च 14, 2009
तुम्हें याद होगा कि कोई तीन माह पहले मैंने तुमसे सवाल किया था कि क्या तुम्हें मुझसे प्यार है? इस पर तुम्हारा जवाब था, तुमसे शादी करने का अर्थ ही यह है कि मैं तुमसे प्यार करता हूँ। वैसे भी यह बात मैंने तुम्हें शादी के बाद ही बता दी थी।
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इतनी प्रेम से भरी बातें तूने लिखी है कि एक-एक शब्द मीठा हो गया है। क्या तुझे पता है कि जीवन में प्रेम के अतिरिक्त न कोई मिठास है, न कोई सुवास है? शायद प्रेम के अतिरिक्त और कोई अमृत नहीं है!
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रिश्तों की कोई निर्धारित परिभाषा नहीं होती। कोशिश भी की जाए तो शायद कोई ऐसी परिभाषा नहीं ग़ढ़ी जा सकती जो रिश्तों को गहराई से परिभाषित कर सके। आशय यह नहीं कि रिश्ता कोई उलझी हुई इबारत है जिसे समझाया नहीं जा सकता,
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प्यार का रसायन !

मंगलवार,अप्रैल 15, 2008
ना ये केमिस्ट्री होती, ना मैं स्टूडेंट होता ना ये लेबोरेटरी होती, ना ये एक्सीडेंट होता कल प्रेक्टिकल में नजर आई एक लड़की सुंदर थी, नाक थी उसकी टेस्ट ट्यूब जैसी बातों में उसकी, ग्लूकोज की मिठास थी साँसों में एस्टर की खुशबू भी साथ थी
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ऐसे लोग जो प्रेम करते हैं वे आखिर एक-दूसरे में क्या देखते हैं। वे मानते हैं कि कोई महिला या पुरुष सम्पूर्ण नहीं होता। मनोचिकित्सक भी मानते
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प्यार, इश्क और मोहब्बत

सोमवार,मार्च 17, 2008
हमारे मजनूँ भाइयों एवं लैला देवियों के लिए प्रस्तुत हैं प्रेम में पगी कुछ मीठी-मीठी शेर-शायरीः हर इक मोड़ पर किसी ने पुकारा मुझको इक आवाज तेरी जब से मेरे साथ हुई।
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प्यार और अधिकार का संबंध

मंगलवार,मार्च 11, 2008
तुम्हें कोई और देखे तो जलता है दिल, बड़ी मुश्किलों से फिर संभलता है दिल' जी हाँ, बहुत सारे लोगों की प्यार में यही हालत हो जाती है। मेरा प्यार केवल मेरा है, किसी से उसने हँस के बात भी कर ली तो बस फिर तो कयामत ही है। जब आपको किसी से प्यार हो जाता है तो
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शैला और संजय दोनों एक-दूसरे से बहुत प्रेम करते हैं, लेकिन फिर भी कुछ छोटी-छोटी बातों को लेकर दोनों में खटपट हो जाती है। नीता चाहती है कि राहुल उसे कहीं बाहर घुमाने ले जाए, दूसरी लड़कियों के बॉय फ्रैंड की तरह उसे कोई उपहार दे,
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हिटलर का नाम सुनते ही कईयों की रूह काँप जाती है। द्वितीय विश्व युद्ध के इस खलनायक को लोग पत्थर दिल मानते हैं। कहते हैं उसके भीतर नफरत का लावा उबलता था। क्या इस गर्म लावे के बीच भी उस पत्थर-से दिल में कोई फूल खिला था
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चेखव का पत्र लीडिया के नाम

शुक्रवार,जनवरी 11, 2008
मैं अच्छी तरह जानता हूँ कि तुम मरोगी नहीं और कोई तुम्हें छोड़ेगा नहीं। मैं याल्टा में हूँ और खूब मजे कर रहा हूँ
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फ्रायड का पत्र मार्था के नाम

शुक्रवार,जनवरी 11, 2008
जेन कार्लाइल के साहित्यिक व्यक्तित्व से बेहद प्रभावित थी और इसी कारण उससे विवाह किया। कुछ वर्ष बाद जब इस इन्द्रधनुष का जादू टूटा, तब घरेलू झगड़े उनके लिए प्रतिदिन के भोजन जैसी बात हो गई
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कवि कीट्स का पत्र फेनी के नाम

शुक्रवार,जनवरी 11, 2008
मैंने तुम्हारे लिए एक पत्र लिखा था। मुझे आशा थी कि तुम्हारी माँ से मिलना होगा। अब अगर यह पत्र मैं तुम्हारे पास भेजूँ तो यह मेरा स्वार्थ होगा, क्योंकि मैं जानता हूँ कि तुम्हें यह थोड़ा कष्ट पहुँचाएगा
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जानता हूँ कहने को वो एक बुत ही ठहरा पर क्या करूँ, कि मुहब्बत के रास्ते पर है घना कोहरा...
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लौटा बचपन का प्यार...

शुक्रवार,जनवरी 11, 2008
स्नेहा जब छः साल की थी। तभी उसके पिता का तबादला हो गया। तबादले से एक दिन पूर्व ही वेलेंटाइन डे था। उसी के क्लास में उसका एक दोस्त रवि पढ़ता था। स्नेहा और रवि दोनों एक-दूसरे का बहुत पसंद करते थे।
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