किसी भी शुभ घड़ी में आम वृक्ष की लकड़ी से निर्मित पाटले पर सर्वप्रथम मोबाइलदेव को स्थापित करें। तत्पश्चात उन्हें लाल वस्त्र ओढ़ाएँ। फिर सम्मानपूर्वक आमंत्रित पंडितजी उनके अबीर, गुलाल, कुंकू...
चंचल छौने मेघ के रचें नया इतिहास। आँखें मूँदे सूर्य की मिटे धरा की प्यास॥ चातक हर्षित हो रहे और विभोर है मोर। धरती से अंबर तक खिंची रजत की डोर॥ मेघा मुक्ता लूटा रहे वल्लरियों पर...