जूलिया ने काँपते हाथों से ग्यारह रुबल ले लिए और अपने जेब टटोलकर किसी तरह उन्हें उसमें ठूँस लिया और धीरे से विनीत स्वर में बोली - 'जी धन्यवाद।'
मैं गुस्से से आगबबूला होने लगा। कमरे में टहलते हुए मैंने क्रोधित स्वर में उससे कहा - 'धन्यवाद किस बात का?'
'आपने मुझे पैसे दिए - इसके लिए धन्यवाद।'
संगीत सम्राट तानसेन अकबर के अनमोल नवरत्नों में से एक थे। अपनी संगीत कला के रत्न थे। इस कारण उनका बड़ा सम्मान था। संगीत गायन के बिना अकबर का दरबार सूना रहता था।
सोए हुए प्यार को जगाने के लिए बारिश के मौसम का सहारा लें। बारिश की फुहारों में राज कपूर और नर्गिस की छतरी वाली तस्वीर कितनी रोमांटिक लगती है यह सभी मानते हैं। आप भी तेज बारिश में एक छतरी के नीचे हाथ पकड़कर रिमझिम बरखा का मजा लें ...