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कथा-सागर
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बीमार माँ
एक धनी व्यक्ति की माँ अक्सर बीमार रहती थी। माँ रोज बेटे-बहू को कहती थी कि बेटा, मुझे डॉक्टर के पास ले चल। बेटा भी रोज पत्नी को कह देता, माँ को ले जाना, में तो फैक्टरी के काम में व्यस्त रहता हूँ। क्या तुम माँ का चेकअप नहीं करा सकती हो? पत्नी भी लापरवाही से उत्तर दे देती, पिछले साल गई तो थी, डॉक्टर ने कोई ऑपरेशन का कहा है।
काव्य-संसार
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विरह का अनमोल साथी
भोर के तारे ने एक दिन कहा मुझसे तुम क्षण भर के लिए मुझ पर अपनी दृष्टि स्थिर रखना मैं जैसे ही टूटकर ‍गिरने लगूँ तुम अपने प्रिय की चाह करना देखी नहीं जाती क्योंकि मुझसे ...
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काव्य-संसार
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प्रेम एक अनुभूति है
प्रेम एक अनुभूति है शाश्वत रिश्तों के मर्म की सुर्ख जोड़े में लिपटे गर्व की विरक्ति से उपजे दर्द की प्रेम अनुभूति है। प्रेम एक रिश्ता है दिलों के इकरार का ममत्व के दुलार का मानवता की पुकार का प्रेम एक रिश्ता है। प्रेम दिखता है किसी मासूम-सी मुस्कान में नवविवाहिता की माँग में वीरों की आन-बान में प्रेम दिखता है। प्रेम की अनुगूँज है दिल के झंकृ‍त तारों में बागों में बहारों में फागुन की मस्त फुहारों में...
• मुंबई का ग्रुप फोटो • चाँद बेवफा नहीं होता
• 'इसरो' से 'बदलती जिंदगी' • मैं अब मुस्कुराती नहीं
• मैं : एक प्रयोगधर्मी उपन्यास • प्यार, मेरे लिए तुम हो