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पुस्तक-समीक्षा
sangat
WD
 
हनुमान चालीसा तत्व विवेचन
सफल और सार्थक जीवन की परिकल्पना भगवद्‍भक्ति से ही साकार हो सकती है। यही वह दिव्य प्रभा है, जो भौतिक सुख की अभिलिप्सा और अज्ञान रूपी अंधकार में आकंठ डुबी मानव देह की यथार्थ से साक्षात्कार कराती है ....
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कथा-सागर
सच्चे शुभचिंतक
पेड़ की जिजीविषा
प्रतिद्वंद्वी और पितृदोष
स्नेह का सेतु या सैंडविच
एकता का जन्म
जीवन का सत्य
अमीर-गरीब संतान
मजबूरी थी इसलिए
 
और भी
काव्य-संसार
poem
ND
 
साथ-साथ उड़ सकते थे
मैंने तुम्हारे लिए छोड़ी थोड़ी पृथ्वी तुमने मेरे लिए छोड़ दिया थोड़ा आकाश हम दोनो ने मिल कर एक-दूसरे के लिए पर्याप्त जगह बनाई ...
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वेबदुनिया में और भी
Antyakshari
WD
 
पिल्ला सड़क पार कर चुका था
वह नए साल का पहला दिन था जब मैं ऑफिस से घर लौट रहा था। सब लोग घरों को लौटने की हड़बड़ी में थे। एक तेज रफ्तार से सबको पछाड़ देने की बेचैनी में। लगता था जैसे जो पीछे रह गया, वह हमेशा पीछे ही रह जाएगा। हमेशा पिछड़ा ....
अंत्याक्षरी खेलती लड़कियाँ
डूब गया वह उदास दिन
ठंड आई है अपने पंख फैलाकर
सत्रह साल की लड़की
रंग ही जिनकी नागरिकता थी
जो शाश्वत प्रकृति है उसमें पहाड़ है