| | | | | | वो मेरा अतीत क्यों है... | | मुद्दत हो गई
उन तन्हाइयों को गुज़रे,
आज भी इन आँखों में,
वो खामोशियाँ क्यों है? चुन-चुन कर जिसकी यादों को
अपने जीवन से... | | | | | |
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| |  | | WD | | | | परखें अपने प्यार को ! | | कुछ लोग कहते हैं कि प्यार किया नहीं जाता, बस हो जाता है। पर प्यार देखकर समझकर तो किया ही जा सकता है। प्यार क्या है... | | | | | |
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| | | | मोहब्बत का पेड़ | | नीले सागर के तट पर खड़ी सुप्रिया समझ नहीं पा रही थी कि वह यहाँ क्यों खड़ी थी। लहरें बारी-बारी उसके पैरों को छूकर वापस चली जाती थीं। अचानक एक तेज लहर आई और ढेर सारी बूँदें छिटके हुए पारे की तरह तट के रेत पर... | | | | |
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