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वेबदुनिया विशेष 08
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पंडित भीमसेन जोशी
पं.भीमसेन जोशी
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देवदूत के कंठ से बहता सुरों का अखंड झरना
कभी-कभी ईश्वर किसी पर इतना कृपालु हो जाता है कि वह ईश्वर के देवदूत में बदल जाता है। लगता है जैसे ईश्वर ने अपनी ही इच्छा को पूरा करने के लिए उस देवदूत को चुना। वह किसी में अपना देवदूत...
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वे ईश्वर के लिए गा रहे थे
वह इंदौर की एक सर्द रात थी जब वैष्णव विद्यालय के खुले प्रांगण...
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धन धन भाग सुहाग तेरो
पं. भीमसेन जोशी अब भारतरत्न पं. भीमसेन जोशी कहलाएँगे...
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ख्याल गायकी के भगवंत
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अश्रुओं से अभिषेक किया था
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सोमनाथ ने दी भीमसेन को बधाई
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पंडित भीमसेन जोशी को भारत रत्न
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प. जोशी भारत रत्न के असली हकदार
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आम आदमियों के भी सुर हैं भीमसेन
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किराना घराने का सम्मान-पंडित भीमसेन
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शास्त्रीय संगीत के बेताज बादशाह पंडितजी
और भी
सुरों के बादशाह यूँ ही नहीं बने
अभोगी, पूरिया, दरबारी, मालकौंस, तोड़ी, ललित, यमन, भीमपलासी, शुद्ध कल्याण आदि पंडितजी के पसंदीदा राग हैं। इसके अलावा अभंग में ...
किसी आलिंगन के लिए बढ़ता
वह पंडितजी की आवाज का ही जादू है जब उसे सुनकर आप पाते हैं कि इस कठोर दुनिया में जहाँ आखिरी पेड़ भी ओझल हो रहा हो तब ....