सिंपल साड़ी को यदि सलीके से पहना जाए तो उसकी खूबसूरती बढ़ जाती है इसके साथ ही साड़ी में यदि एसेसरीज अटैच कर दी जाए तो फिर क्या कहने। पहले न तो हैवी वर्क वाली साड़ियों का चलन था और न ही आए दिन पार्टियाँ हुआ करती थीं। लेकिन अब स्टेटस मेंटेन करने और मैचिंग के लिए कई तरह की एसेसरीज का इस्तेमाल होने लगा है इसमें साड़ी पिन और ब्रोचेस अहम होते हैं।
यदि आप अपनी सहेली के स्मार्ट पति को देखकर अपने सामान्य से दिखने वाले पति की उससे तुलना करके दुखी हो जाती हैं तो यह सही नहीं है, क्योंकि तस्वीर का दूसरा पहलू कुछ और ही हो सकता है।
आज के युवाओं में भी अपने मित्र के लिए प्रेम या हमसफर ढ़ूँढने का चलन जोरों पर है। इसके पीछे कहीं एक भली भावना ही सबसे पहले होती है, लेकिन इसके अलावा एक ख्वाहिश शायद कहीं यह भी होती हो कि एक अच्छे काम का क्रेडिट मिलेगा और फिर युवाओं के लिए यह 'मजे का काम' भी है।