युवाओं में गरबों को लेकर खासा क्रेज है क्योंकि अब गरबे भक्ति के साथ ही फेस्टिवल ऑफ फैशन भी बन गए हैं। इसके साथ ही नौ दिन गरबे करने का मतलब है एक्सरसाइज विद म्यूजिक। इस तरह इन नौ दिनों में युवा अपना वजन भी कम कर लेते हैं और गरबों को भरपूर एन्जॉय भी।
तो गाइए कि घूमतो,घूमतो घूमतो जाए, अम्बा थारो गरबो घूमतो जाए और अपना वेट लॉस करते जाइए। इस फेस्टिवल पर आशीष अस्टोनकर की एक घूमती नजर।
नवरात्रि का एक बड़ा आकर्षण है गरबा। निश्चित ही गरबा एक भक्तिमय नृत्य है लेकिन युवाओं में दूसरे कारणों से इसमें जबर्दस्त क्रेज है। इसका एक बड़ा कारण है फैशन और दूसरा बड़ा कारण यह भी है कि इन नौ दिनों में युवा अपना वैट लॉस कर लेते हैं और कुछ ज्यादा फिट महसूस करने लगते हैं।
गरबे में घूमते हुए उनकी नौ दिनों तक अच्छी खासी एक्सरसाइज हो जाती है। भक्ति की भक्ति हो जाती है और गरबे करने का शौक पूरा हो जाता है और एक्सरसाइज भी अच्छी खासी हो जाती है। यही कारण है कि इन नौ दिनों में जिम में युवाओं की संख्या में कमी आ जाती है।
युवा अमित नागर कहते हैं कि उपवास और रास के उल्लास में सबसे बड़ा ध्यान अपने शरीर का रखना पड़ता है। इन नौ दिनों में गरबा करते हुए अच्छी-खासी एक्सरसाइज हो जाती है लेकिन खानपान के मामले में लापरवाही कर जाते हैं। नवरात्रि में युवा मस्ती के मूड़ में रहते हैं, लेकिन सही खानपान न होने की वजह से उन्हें कमजोरी महसूस होती है। इससे उल्लास की मस्ती परेशानी का सबब भी बन जाती है। इन नौ दिनों में युवाओं को खानपान पर कुछ अधिक ध्यान देने की जरूरत है।
हिप-हॉप और भांगड़ा : अब गरबों में बॉलीवुड नंबर्स का बोलबोला है। यूँ तो इस अवसर पर कई पारंपरिक गरबे गाए जाते हैं लेकिन युवाओं में स्टाइलिश गरबों के बढ़ते चलन के मद्देनजर अब हिट सॉन्ग्स गाए जाते हैं। पंखिड़ा से लेकर अम्बा थारो गरबो घूमतो जाए तो गाए और बजाए ही जाते हैं लेकिन बॉलीवुड के हिट गीत जैसे ढोल बाजे ढोल बाजे से लेकर दिल बोले हड़िप्पा।
बॉलीवुड नंबर्स पर पर गरबे करने में मजा आता है क्योंकि ये बीट्स आधारित होते हैं। चूँकि कई बार ये गरबे नॉन स्टॉप होते हैं इसलिए गरबे करते हुए इसमें अच्छी-खासी कैलोरी खर्च हो जाती है। इसलिए कुनाल सोडानी ने कहा कि नवरात्रि में खाने के लिए फल और ज्यूस पर ही ज्यादा निर्भर रहना पड़ता है।
कई बार उत्सव में सेहत के साथ खिलवाड़ हो जाता है। इसिलए युवा नौ दिनों में खासतौर पर सेहत के प्रति जागरूक रहते है। उनमें इन दिनों किसी डायटिशन की सलाह लेकर खानपान का ध्यान रखना चाहिए। कई युवा इन नौ दिनों के लिए अपना डाइट प्लान बना लेते हैं।
अब तो कुछ बॉलीवुड नंबर्स पर भांगड़े के साथ हिप-हॉप डांस स्टाइल में भी गरबे होते हैं। इसलिए युवा कुछ ज्यादा ही जोश के साथ इन्हें करते हुए एन्जॉय करते हैं। रास उल्लास के प्रतिभागी अभिक नेमा कहते हैं कि नवरात्रि में स्टूडेंट के लिए गरबों के साथ कॉलेज लाइफ के साथ भी तालमेल बैठाना पड़ता है। इसके लिए दिनभर एक्टिव रहना भी जरूरी होता है और भरपूर नींद भी जरूरी होती है।
इसीलिए भक्ति के साथ शारीरिक शक्ति को बरकरार रखने के लिए हमें प्रेक्टिस के बाद ही खूब पानी और ज्यूस की आवश्यकता पड़ती है। इन नौ दिनों में उपवास के दौरान सबसे ज्यादा मुसीबत खाने को लेकर आती है क्योंकि गरबे से होने वाली थकावट को दूर करने के लिए सही डाइट लेना अहम होता है।
कहने की जरूरत नहीं कि लड़कियों में गरबों को लेकर सबसे ज्यादा क्रेज होता है। वे इन दिनों उपवास भी रखती हैं, लिहाजा उन्हें खानपान का कुछ ज्यादा ही ध्यान रखना पड़ता है। परिधि शर्मा कहती हैं कि लड़कियों के लिए नौ दिनों में खास मायने गरबे करना होता है, लेकिन इनमें कई युवा इन दिनों में गरबे की धूम में इतना गुम हो जाते हैं कि उन्हें खाने-पीने की चिंता ही नहीं रहती और जो खाने को मिलता है खा लेते हैं।
लेकिन फिर भी कुछ युवाओं में गरबे की धूम के साथ सेहत की चिंता ज्यादा ही रहती है इसीलिए वे गरबों के बीच में ज्यूस और फलों का सेवन करते रहते हैं। इससे उन्हें इंस्टंट एनर्जी मिल जाती है।
कलरफुल एंड स्टाइलिश गरबा : एथनिक से लेकर मॉर्डर्न आउटफिट्स के साथ गरबे करने का ट्रेंड्स अपने चरम पर है। अब गरबा ज्यादा कलरफुल और स्टाइलिश हो गया है। अब ये यंगस्टर्स घाघरा-चोली, लहँगा-दुपट्टा से लेकर वेस्टर्न डिजाइन की ड्रेसेस पहनते हैं। स्पेगाटी टॉप्स से लेकर कॉटन के लॉन्ग स्कर्ट्स का चलन बढ़ा है। इसके साथ ही ट्रेडिशनल ड्रेसेस में मॉडर्न कट पसंद की जाती हैं।
युवतियों में ब्रॉकेड ब्लाउज का चलन जबर्दस्त है। बांधणी और लहरिया प्रिंट्स की ड्रेसेस का युवतियों में जबर्दस्त क्रेज है। लेकिन चनिया चोली तो सबसे हॉट है। बांधणी चोली और बैकलेस चोली मॉर्डर्न लुक और स्टाइल देती है। ओढ़नी और दुपट्टे भी ब्ल्यू, ग्रीन, रेड और ऑरेंज कलर्स में हॉट हैं जबकि लड़के डिजाइनर धोती और स्लीवलेस जैकेट्स पसंद करते हैं।
युवक और युवतियाँ ही अपनी ट्रेडिशनल ड्रेसेस में हलकी एम्बॉयडरी और काँच का वर्क पसंद करते हैं। गोल्ड खादी प्रिंट्स भी पसंद किए जाते हैं। लेकिन एक ट्रेंड और है और वह है एक जैसी ड्रेसेस का। यानी कपल एक ही रंग और डिजाइन की ड्रेसेस पहन कर गरबे करते है।