आयकर विभाग ने एक प्रमुख कत्था उत्पादक फर्म द्वारा चलाए जा रहे बड़े गिरोह का भण्डाफोड़ किया है। यह गिरोह अपने लाभ को रियल एस्टेट के क्षेत्र में लगाकर और कर की चोरी करके विभाग को कई करोड़ रुपए का चूना लगा चुका है।
विभाग ने कंपनी के वास्तविक बिक्री के आँकड़ों को छिपाने के लिए बनाए गए कई फर्जी खाते जब्त कर लिए हैं। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कत्थे के धंधे से अर्जित आय को राजधानी और उसके आसपास के क्षेत्रों में जमीन और संपत्ति खरीदने के लिए प्रयोग किया जा रहा था। इन खातों की असल कमाई को छिपाकर कर की चोरी की जा रही थी।
उन्होंने बताया कि आयकर अधिकारियों ने पुरानी दिल्ली स्थित फर्म के खिलाफ कर वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जो लगभग 60 करोड़ रुपए है।
इस कंपनी के पास राजधानी में दो फैक्ट्रियाँ हैं और उसका वाषिर्क टर्नओवर करीब 200 करोड़ रुपए है। विभाग ने फर्म के दोनों धंधों के जरूरी दस्तावेजों और बहीखातों को जब्त कर लिया है।
इस दौरान फर्म के दफ्तर से 20 लाख रुपए नकद भी जब्त किए हैं। फर्म दिल्ली के उत्तरी छोर की ओर कुछ रियल एस्टेट परियोजनाओं पर काम भी कर रही है। |