आदमी का जीवन बड़ा जटिल है। वास्तव में वह था तो बड़ा सरल, हमने उसे जटिल बना दिया। प्रकृति जब पैदा करती है, तब मनुष्य के पास कुछ नहीं होता और जब वह जाता है तब भी उसके हाथ खाली होते हैं लेकिन आदमी है कि अपने जीवन काल में दुनिया भर का प्रयत्न करता है। संसार का प्रत्येक प्राणी इंद्रिय सुख की सुनहरी कल्पनाओं में खोया रहता है, इंद्रियजन्य सुखों की आकाशी उड़ानें...