गुरु गोबिंदसिंह जी के बारे में लिखना मेरे लिए बहुत मुश्किल बात है, क्योंकि साहिब-ए-कलाम बादशाह दरवेश गुरु गोबिंदसिंह जैसा ना कोई हुआ और ना कोई होगा।
आपके जीवन के बारे में लिखते समय ये समझ में नहीं आता है कि आपका...
घर का सुख देखने के लिए मुख्यत: चतुर्थ स्थान को देखा जाता है। फिर गुरु, शुक्र और चंद्र के बलाबल का विचार प्रमुखता से किया जाता है। जब-जब मूल राशि स्वामी या चंद्रमा से गुरु, शुक्र या चतुर्थ स्थान के स्वामी का शुभ योग होता है, तब घर...