हम दिनभर में सैकड़ों लोगों से मिलते हैं...हजारों अनजान चेहरे भी हमारी आँखों के सामने से गुजरते हैं। इनमें से कुछ सुंदर होते हैं, तो कुछ थोड़े भद्दे। कुछ का आकार गोल होता है तो कुछ त्रिकोण के समान होते हैं। अब प्रश्न यह उठता है कि क्या अलग-अलग तरह के ये चेहरे कुछ कहते हैं? क्या हम किसी शख्स का चेहरा पढ़कर पता लगा सकते हैं कि उसका चरित्र कैसा है, वह कैसा व्यवहार करता है?
क्या पत्थर की सात किलो वजनी प्रतिमा पानी पर तैर सकती है?.. क्या प्रतिमा के तैरने या न तैरने से आने वाले अच्छे या बुरे समय का पता लगाया जा सकता है? आइए चलते है आस्था या अंधविश्वास की इस बार की कड़ी में इन्हीं प्रश्नों के उत्तर खोजने...
आस्था और अंधविश्वास की इस बार की कड़ी में हम आपको लेकर चलते हैं माँ कवलका के चमत्कारिक मंदिर जो महू-नीमच मार्ग पर रतलाम शहर से लगभग 32 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर का चमत्कार यह है कि यहाँ पर स्थित मूर्ति मदिरापान करती है।