भारतीय कैलेंडर अनुसार 16 मार्च को सूर्योदय के साथ ही प्रारंभ होने वाले नववर्ष पर मंत्रोच्चार एवं शंख ध्वनि के साथ सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। सनातन संस्कृति को ध्यान में रखते हुए नववर्ष-संवत्सर प्रतिपदा महोत्सव (गुड़ी पड़वा) का आयोजन किया जाएगा।
गुड़ी पड़वा 16 मार्च मंगलवार से हिन्दू नव संवत्सर की शुरूआत हो रही है। इसी दिन से चैत्र नवरात्र प्रारंभ होंगे जिसका समापन 24 मार्च को रामनवमी पर होगा। मंगलवार 16 मार्च से शुरू हो रहे नव संवत्सर 2067 पर कई संगठनों द्वारा हिन्दू नव वर्ष का स्वागत किया जाएगा। अगले दिन 17 मार्च को चेटीचंड पर सिंधी समाज द्वारा गुरूद्वारों में विशेष कार्यक्रमों के साथ ही चल समारोह भी आयोजित किए जाएँगे।
वहीं चैत्र नवरात्र के दौरान सभी देवी मंदिरों में प्रतिदिन श्रद्धालुओं द्वारा पूजा-पाठ के साथ ही माता को जल, पुष्प आदि अर्पित करने का सिलसिला पूरे नौ दिनों तक जारी रहेगा। कई श्रद्धालुजन पूरे नौ दिन व्रत उपवास भी करेंगे।