जब हम सृष्टि विकास की बात करते हैं तो इसका मतलब है जीव, जंतु या मानव की उत्पत्ति से होता है। ऋषि कश्यप एक ऐसे ऋषि थे जिन्होंने बहुत-सी स्त्रीयों से विवाह कर अपने कुल का विस्तार किया था। आदिम काल में जातियों की विविधता आज की अपेक्षा कई गुना अधिक थी।
ॐ को ओम कहने की मजबूरी है अन्यथा तो यह ॐ ही है। अब आप ही सोचे इसे कैसे उच्चारित करें? ओम का यह चिन्ह 'ॐ' अद्भुत है। यह संपूर्ण ब्रह्मांड का प्रतीक है। बहुत-सी आकाश गंगाएँ इसी.....
ऐसी मान्यता है कि हिंदू देवी-देवताओं की संख्या 33 या 36 करोंड़ है। ऐसी मान्यता किस आधार पर है यह तो नहीं मालूम, लेकिन वेद और पुराण में इतने करोड़ देवी-देवताओं के नामों का कोई उल्लेख नहीं मिलता है। हाँ यदि हम वैदिक देवताओं की गिनती करें तो निश्चित तौर पर उनका आँकड़ा तैतीस आता है। जैसे- बारह आदित्य, आठ वसु, ग्यारह रुद्र और इंद्र व प्रजापति को मिलाकर कुल तैतीस द्विव्य शक्तियों का उल्लेख मिलता है।