ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट टीम के उपकप्तान माइकल क्लार्क ने कहा है कि उनकी टीम ओवल में गुरुवार से शुरू हो रहे पाँचवें और अंतिम टेस्ट को हर हाल में जीतना चाहेगी। क्लार्क ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम इस टेस्ट को ड्रॉ कराने की जगह जीतना ही चाहेगी ताकि सिरीज पर कब्जा जमाया जाए।
उन्होंने कहा कि मैंने तो सबसे पहले मौसम की भविष्यवाणी देखी और उसके अनुसार ओवल में अगले कुछ दिनों तक मौसम ठीक-ठाक रहने की उम्मीद है। अगर एशेज के इस पाँचवें और अंतिम टेस्ट के पाँचों दिन सूरज की रोशनी चमकती रही तो यकीन मानिए ये टेस्ट काफी शानदार होगा।
गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया ने हेडिंग्ले में खेला गया चौथा टेस्ट जीतकर सिरीज में 1-1 की बराबरी हासिल कर ली है। ऐसे में अगर ऑस्ट्रेलिया पाँचवाँ और अंतिम टेस्ट ड्रॉ कराने में सफल होता है तो एशेज ट्रॉफी अपने पास ही रखेगा।
हालाँकि क्लार्क ने कहा कि उनकी टीम इस मैच में ड्रॉ खेलने के लिए नहीं उतरेगी। पिछले पचास टेस्टों की बात लीजिए हम कभी भी ड्रॉ के लिए खेलने नहीं उतरे। मुझे उम्मीद है कि इस बार भी कुछ ऐसा ही होगा।
क्लार्क ने कहा कि हमारी टीम ने पिछले 12 महीनों में ये तो साबित किया ही है कि हमारे पास बेजोड़ तकनीक है। हमारे पास जीत का जज्बा है। हमारे पास दूसरी टीमों जितनी ही सफल होने की ललक है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से हमारी टीम में कुछ अच्छे युवा खिलाड़ी आए हैं भले ही वे महान खिलाड़ी नहीं हों, लेकिन शानदार खिलाड़ी तो हैं ही।
28 वर्षीय क्लार्क ने एशेज सिरीज में खेले गए चार टेस्टों में 89.00 की औसत से सर्वाधिक 445 रन बनाए हैं जिनमें उनके दो शतक शामिल हैं। इसके अलावा क्लार्क ने अपने 50वें टेस्ट में शतक लगाने वाले चौथे ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया है। अब क्लार्क का टेस्ट औसत 50 का हो गया है।
क्लार्क ने कहा कि मुझे लगता है कि बतौर खिलाड़ी मैं बेहतर हो रहा हूँ, लेकिन मुझे अभी भी लगता है कि मैं अपनी कुछ तकनीकी खामियों को सुधार सकता हूँ। मैंने पिछले तीन चार वर्षों में अपने शॉट चयन में सुधार किया है, लेकिन अभी कई क्षेत्र ऐसे हैं, जहाँ मुझे सुधार करने की जरूरत है।