इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वान का मानना है कि हरफनमौला एंड्रयू फ्लिंटॉफ भले ही दुनिया के सबसे पेशेवर क्रिकेटर न हों लेकिन टीम का मनोबल और दर्शकों का उत्साह बढ़ाने में वह सचिन तेंडुलकर के समकक्ष कहे जा सकते हैं।
वान ने ‘डेली टेलीग्राफ’ में अपने कॉलम में लिखा कि कार्डिफ में एशेज श्रृंखला के पहले दिन शुरुआती कुछ घंटे में माहौल नीरस था लेकिन अचानक फ्रेडी क्रीज पर आए और सब कुछ बदल गया। विश्व क्रिकेट में सचिन तेंडुलकर के अलावा ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं है, जिसमें यह क्षमता हो।
उन्होंने कहा कि एक कप्तान के नजरिये से वह महान खिलाड़ी हैं। वह सबसे पेशेवर क्रिकेटर नहीं हैं लेकिन उनमें एक पूरा पैकेज है। फ्लिंटॉफ गुरुवार से शुरू हो रहे पाँचवें और आखिरी एशेज टेस्ट के बाद टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह देंगे।
वान ने कहा कि उन्हें शुरू से पता था कि फ्लिंटॉफ सितारा खिलाड़ी है लेकिन इंग्लैंड क्रिकेट पर उनके प्रभाव का पता संन्यास की घोषणा के बाद उनके प्रशंसकों से बातचीत के जरिये ही चला।