मेलबोर्न (वार्ता), सोमवार, 24 अगस्त 2009( 11:52 IST )
रिकी पोंटिंग की अगुआई में ऑस्ट्रेलियाई टीम भले ही इंग्लैंड में लगातार दूसरी बार एशेज श्रृंखला हार गई हो, लेकिन पूर्व कप्तान इयान चैपल अभी भी रिकी पोटिंग को एक बेहतर कप्तान मानते हैं। उनका कहना है कि पोंटिंग में अपने पूर्ववर्ती स्टीव वॉ से अधिक कुशलता है।
चैपल ने 'सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड' से कहा कि पोंटिंग मुश्किल से मुश्किल स्थिति में भी अपने विरोधियों से एक कदम आगे जाकर सोचने की काबिलियत रखते हैं जबकि वॉ के पास इसका नितांत अभाव था। विपक्षी टीमों पर कैसे हावी होना है यह पोंटिंग को अच्छी तरह मालूम है, लेकिन वॉ ऐसे मौकों पर ढीले पड़ जाते थे।
उन्होंने वॉ की कप्तानी में वर्ष 2001 के कोलकाता टेस्ट में भारत के हाथों मिली हार का उदाहरण देते हुए कहा कि वॉ के पास शेन वार्न और ग्लैन मैग्राथ जैसे दिग्गज गेंदबाज थे, लेकिन उन्होंने इंतजार करने की रणनीति अपनाई जबकि वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ ने 376 रन की साझेदारी करते हुए अपनी टीम को जीत दिला दी। यह वॉ की एक भयंकर गलती थी।
वर्ष 1971 से 1975 के दौरान 30 टेस्टों में ऑस्ट्रेलिया के लिए कप्तानी करने वाले चैपल ने आगे कहा कि इसके उलट पोंटिंग की कप्तानी में निरंतर निखार आया है। वे विपक्षी टीमों को गलती करने पर मजबूर कर देते हैं। जीत के मामले में भले ही पोंटिंग और वॉ का रिकॉर्ड समान हो लेकिन कप्तानी के मामले में पोंटिंग अपने पूर्ववर्ती वॉ से बीस हैं।