आलोचना के घेरे में आई वीडियो रेफरल प्रणाली का बचाव करते हुए अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ ने इसकी कुछ खामियों को स्वीकार करते हुए कहा कि समय रहते इसमें सुधार आएगा।
एफआईएच कार्यकारी बोर्ड के सदस्य और सीआईटीसी अध्यक्ष आरोन शेर ने यहाँ एक मीडिया सेमिनार के दौरान कहा कि वीडियो अंपायर रेफरिंग प्रणाली अभी सीखने की प्रक्रिया में हैं। अधिकारी भी इंसान हैं लिहाजा गलतियाँ होना लाजमी है, लेकिन इसे और बेहतर बनाने के उपाय किये जा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय हॉकी में 'अंपायरों की भूमिका’ पर अपने उद्बोधन में क्लाइव मैककरी ने कहा कि रेफरल का उपयोग प्रक्रिया की त्रुटियों को दूर करना है। ऐसी गलतियों को रोकना जिसमें अंपायर की गलती से मैच का नतीजा प्रभावित हो सकता है। हमें पता है कि इससे जुड़े कई मसले हैं लेकिन समय के साथ इसमें सुधार आएगा।
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच 3-3 से ड्रॉ पर छूटे पूल मैच के बाद वीडियो रेफरल प्रणाली की उपयोगिता पर सवाल उठने लगे थे। इसमें भारत का गोल विलंब से अमान्य किए जाने के बाद कोच जोस ब्रासा और कप्तान राजपाल सिंह ने वीडियो रेफरल प्रणाली की आलोचना की थी।
विश्व कप के कम्युनिकेशन मैनेजर आर्येन मायेर ने कहा कि हम मैच दर मैच आकलन नहीं कर सकते। हमें वृहत तस्वीर देखनी होगी। हम सुधार के प्रयास कर रहे हैं। (भाषा)