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PTI
खराब दौर से जूझ रही पाकिस्तानी हॉकी टीम ने विश्व कप में अपने लचर अभियान का अंत भी कनाडा के हाथों गोल्डन गोल से हारने के बाद आखिरी स्थान पर रहकर किया, जो चार बार की चैम्पियन टीम का इस टूर्नामेंट में अब तक का सबसे खराब प्रदर्शन है।

पाकिस्तानी टीम का इससे पहले सबसे खराब प्रदर्शन 1986 में था, जब वह 11वें स्थान पर रही थी। कनाडा के स्कॉट टपर ने अतिरिक्त समय में गोल्डन गोल करके आखिरी स्थान पर रहने से बचने के पाकिस्तान के मंसूबों पर पानी फेर दिया।

निर्धारित समय तक स्कोर 2-2 से बराबर था। पाकिस्तान के लिए रेहान बट्‍ट (पाँचवें मिनट), अख्तर अली (47वें मिनट) ने गोल दागे जबकि कनाडा के लिए कोनोर ग्राइम्स (12वें मिनट) और मार्क पीयरसन (58वें मिनट) ने गोल किए।

पूरे टूर्नामेंट में शर्मनाक प्रदर्शन करने वाली पाकिस्तानी टीम सिर्फ स्पेन के खिलाफ एक ही मैच जीत सकी जबकि बारह साल बाद विश्व कप खेल रहे कनाडा की यह टूर्नामेंट में पहली जीत थी।

पहले हाफ में स्कोर 1-1 से बराबर था। पाकिस्तानी टीम ने शुरुआती मिनटों में आक्रामक तेवर दिखाए लेकिन बाद में खिलाड़ी थके हुए दिखे। फारवर्ड लाइन कई अच्छे मूव को अंजाम देने में नाकाम रही।

कनाडा ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए पहले हाफ में तीन पेनल्टी कॉर्नर बनाए। हालाँकि वह एक को भी गोल में तब्दील नहीं कर सका। पाकिस्तान के लिए पाँचवें ही मिनट में रेहान बट्‍ट ने खाता खोला। बाएँ फ्लैंक से अब्बासी के पास पर रेहान ने स्टिक लगाकर गेंद को गोल के भीतर डाला। उनका यह टूर्नामेंट में तीसरा गोल था।

पाकिस्तान हालाँकि ज्यादा देर बढ़त बरकरार नहीं रख सका। सात मिनट बाद ही कनाडा ने पाकिस्तानी डिफेंस को भेदकर बराबरी का गोल दाग दिया। राब शॉर्ट के पास पर ग्राइम्स ने गोल के सामने से शॉट लगाया। कनाडा को 23वें, 33वें और 34वें मिनट में मिले पेनल्टी कॉर्नर बेकार गए।

विश्व कप हॉकी टूर्नामेंट के 12 प्रसंगों में यह पहला मौका है जबकि पाकिस्तान टीम सबसे अंतिम स्थान पर रही है। (भाषा)
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